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चौदहवीं का चांद
आशीर्वाद
शीतलविचार
छत पे
यहआकाशनीलानहोता।गरजहांकेप्राणियोंमें
सुबह-सुबह
कभी-भी
समय से घर बैठे
निरादर
पे तुला
मजदूरअपरिचित
दिलमेंजोचुभतीहैंबातेंहैंमेखनहीं.मनमेंअवहेलनहैकानोंमेंठेकनहीं.नामताजमहलोंपरखुदेगेशहंशाहोंके
सुहाना
कंधे पर
उठकर
होठों पे
बनाया है
सुलाया
छाया
भरोसा
Hindi
पलकों पे
Quotes
"मैंने तुझे पलकों पे रखा था पर उसने तुम मुझे दिल में भी जगह ...
मुझे किसी और कि ज़रूरत क्या है, जबकि मेरे संस्कार और माँ के ...
रविवार: मजदूर ने ताजमहल बनाया है, मजदूर ने पलंग पे सुलाया ह ...
मंगलवार: बचपन बड़ा सुहाना होता था, होठों पे हँसी कंधे पर बै ...
बुधवार: कहते हैं विश्वास पे तो, दुनिया सारी क़ायम है। प्या ...
शुक्रवार: शिक्षकों पे सदा भरोसा करना, कभी-भी निरादर नहीं करन ...
शुक्रवार: चौदहवीं का चाँद मेरा, यार प्यार बेवफ़ा हुआ। गद्द ...
बुधवार: हमें करना नहीं कोई काम, सब लंबे समय से घर बैठे। सुबह ...
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