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निरादर
दिल में
ने पलंग पे
हँसीकेठहाके
नरकमेंलेजाताहैअंहकारकाद्वार।जीतसकोतोजीतलोसंस्कारसेसंसार।
कभी-भी
करनापड़ताहैसबकोहीश्रम।देताहैपरमात्मासिर्फलकीरे
मजदूर ने
सैर कर सकते
सच को स्वीकार नहीं करना हैं
किताबीदुनिया
गद्दारी
यहआकाशनीलानहोता।गरजहांकेप्राणियोंमें
उठकर
सुबह-सुबह
कंधे पर
कार्य सफलता को ज्ञान कहते हैं
भरनापड़ताहैउसमेंहमेंहीरंग।
क़ायम है
चौदहवीं का चांद
Hindi
पलकों पे
Quotes
"मैंने तुझे पलकों पे रखा था पर उसने तुम मुझे दिल में भी जगह ...
मुझे किसी और कि ज़रूरत क्या है, जबकि मेरे संस्कार और माँ के ...
रविवार: मजदूर ने ताजमहल बनाया है, मजदूर ने पलंग पे सुलाया ह ...
मंगलवार: बचपन बड़ा सुहाना होता था, होठों पे हँसी कंधे पर बै ...
बुधवार: कहते हैं विश्वास पे तो, दुनिया सारी क़ायम है। प्या ...
शुक्रवार: शिक्षकों पे सदा भरोसा करना, कभी-भी निरादर नहीं करन ...
शुक्रवार: चौदहवीं का चाँद मेरा, यार प्यार बेवफ़ा हुआ। गद्द ...
बुधवार: हमें करना नहीं कोई काम, सब लंबे समय से घर बैठे। सुबह ...
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